
Kise manzil di khwahish ch meriyan socha da safar..!!

बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Jaan lagi oh keh gyi c,
K menu yaad na kri ,,,
Te Asi aaj vi ohdiya yaada nu,
Sambh ke betha aa …💔
ਜਾਣ ਲੱਗੀ ਉਹ ਕਹਿ ਗਈ ਸੀ
ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਯਾਦ ਨਾ ਕਰੀਂ,,,
ਤੇ ਅਸੀਂ ਅੱਜ ਵੀ ਓਹਦੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ,
ਸਾਂਭ ਕੇ ਬੈਠੇ ਆ…💔