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Socha na tha || hindi sad shayari

Chodd kar chali jaogi ye socha na tha,
Mere Pyar ko iss kadar thukraogi socha na tha,
Aur pyar kiya to beshumaar tha tumse,
Magar tum iss kadar tadpaogi socha na tha.

Title: Socha na tha || hindi sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Ajj vi chete aawe || love sad Punjabi status

Sathon izhaar mohobbat kar Na hoyia,
Ajeeb hi khel hoyia,,,
Vichadke us kudi ton,,
Fer Na kade mail hoyia,,
Roj Chad di swer oh kahani dohrawe,,
College de raahan te o ajj vi chete aawe,,♥

ਸਾਥੋਂ ਇਜ਼ਹਾਰ ਮਹੁੱਬਤ ਕਰ ਨਾ ਹੋਇਆ,
ਅਜੀਬ ਹੀ ਬਸ ਖੇਲ ਹੋਇਆ,,,
ਵਿਛੜਕੇ ਓਸ ਕੁੜੀ ਤੋਂ,,
ਫੇਰ ਨਾ ਕਦੇ ਮੇਲ ਹੋਇਆ,,
ਰੋਜ਼ ਚੜਦੀ ਸਵੇਰ ਓ ਕਹਾਣੀ ਦੁਹਰਾਵੇ,,
ਕਾਲਿਜ ਦੇ ਰਾਹਾਂ ਤੇ ਓ ਅੱਜ ਵੀ ਚੇਤੇ ਆਵੇ,,♥

Title: Ajj vi chete aawe || love sad Punjabi status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry