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Socha na tha || hindi sad shayari

Chodd kar chali jaogi ye socha na tha,
Mere Pyar ko iss kadar thukraogi socha na tha,
Aur pyar kiya to beshumaar tha tumse,
Magar tum iss kadar tadpaogi socha na tha.

Title: Socha na tha || hindi sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Woh jaado garni hai || hindi kavita

❣❣❣❣❣❣❣❣

जादूगरनी…

वो लड़की जादूगरनी है।

कभी शोला, कभी शबनम जैसी,

कभी दूज, कभी पूनम जैसी,

कभी गुस्सा, कभी सरगम जैसी,

कभी चोंट, कभी मरहम जैसी,

कभी शीशम, कभी रेशम जैसी,

कभी गैर, कभी हम-दम जैसी,

कभी वो सम, कभी विषम जैसी,

रोज़ बदलते मौसम जैसी,

रंग-बिरंगी मौरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

कभी वो मक्खन, कभी मलाई,

कभी वो मिर्ची, कभी मिठाई,

कभी नगाड़ा, कभी शहनाई,

कभी अलसाई, कभी अँगडाई,

कभी वो झूठी, कभी सच्चाई,

कभी बुराई, कभी भलाई,

कभी कहानी, कभी कविताई,

उसने मेरी नींद चुराई,

इस दिल की एक चोरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

चंचल चितवन मादक नूरी,

खिली-खिली सी वो पांखुरी,

नख से शिख तक लगे अँगुरी,

नैन मिलें तो चल गई छुरी,

वो मेरे जीवन की धुरी,

धड़कन उसके बिना अधूरी,

सही न जाएं उससे दूरी,

जिसकी नाभि में कस्तुरी,

प्रेम वन की एक हिरनी है,

वो लड़की जादूगरनी है।

❣❣❣❣❣❣❣❣

Title: Woh jaado garni hai || hindi kavita


आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी।

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी

काफी दूर निकल आने पर बादशाह अकबर को यह एहसास हुआ कि वो रास्ता भटक गए हैं। वहां आस-पास कोई नजर भी नहीं आ रहा था, जिससे रास्ते के बारे में पूछा जा सकता था। थोड़ी दूर और चलने पर उन्हें एक तिराहा नजर आया। बादशाह को यह देख कर थोड़ी खुशी हुई कि चलो इनमें से कोई न कोई रास्ता राजधानी तक तो जाता ही होगा।

लेकिन, सभी इसी उलझन में थे कि किस रास्ते पर चला जाए। तभी सैनिकों की नजर सड़क किनारे खड़े एक छोटे से लड़के पर पड़ी। वह लड़का बड़ी हैरानी से महाराज के घोड़े और सैनिकों के हथियारों को देख रहा था। सैनिकों ने उस बालक को पकड़कर महाराज के सामने पेश किया।

बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “ऐ लड़के। इनमें से कौन सा रास्ता आगरा जाता है?” यह बात सुनकर वह बच्चा जोर-जोर से हंसने लगा। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया। लेकिन, उन्होंने शांत भाव से उससे उसकी हंसी का कारण पूछा। लड़के ने जवाब दिया, “यह रास्ता चल नहीं सकता है, तो यह आगरा कैसे जाएगा। आगरा पहुंचने के लिए तो आपको खुद चलना पड़ेगा।”

महाराज उस लड़के की सूझबूझ को देख कर चकित रह गए। उन्होंने प्रसन्न होकर उस बच्चे का नाम पूछा। लड़के ने जवाब में अपना नाम महेश दास बताया। महाराज ने उसे इनाम में सोने की अंगूठी दी और दरबार में आने का न्योता दिया। इसके बाद बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि किस रास्ते पर चलने से मैं आगरा पहुंच पाऊंगा?” लड़के ने बड़ी ही शालीनता से सही रास्ता बताया और महाराज अपने सैनिकों के साथ आगरा की ओर चल पड़े।

यही लड़का बड़ा होकर बीरबल के नाम से प्रसिद्ध हुआ और बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक कहलाया।

Title: आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story