
Niveaan ton sikh k kive ucheyaan naal jo ral jande ne
ki gal sunawan me lokaan di
sohne raah kise naal bna
hamsafar koi hor hi cun lainde ne

Niveaan ton sikh k kive ucheyaan naal jo ral jande ne
ki gal sunawan me lokaan di
sohne raah kise naal bna
hamsafar koi hor hi cun lainde ne
Zindagi de es jhamele ne, bhawe door kar dita raaha nu
par kade taa mele hownge, jad mil ke manaage chawa nu
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਏਸ ਝਮੇਲੇ ਨੇ, ਭਾਵੇ ਦੂਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਰਾਹਾ ਨੂੰ
ਪਰ ਕਦੇ ਤਾ ਮੇਲੇ ਹੋਵਣਗੇ ,ਜਦ ਮਿਲ ਕੇ ਮਾਣਾਗੇ ਚਾਵਾ ਨੂੰ
जीवन में वह था एक कुसुम,
थे उस पर नित्य निछावर तुम,
वह सूख गया तो सूख गया;
मधुवन की छाती को देखो,
सूखीं कितनी इसकी कलियाँ,
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ जो
मुरझाईं फिर कहाँ खिलीं;
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है;
जो बीत गई सो बात गई!
जीवन में मधु का प्याला था,
तुमने तन-मन दे डाला था,
वह टूट गया तो टूट गया;
मदिरालय का आँगन देखो,
कितने प्याले हिल जाते हैं,
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं,
जो गिरते हैं कब उठते हैं;
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है!
जो बीत गई सो बात गई!
मृदु मिट्टी के हैं बने हुए,
मधुघट फूटा ही करते हैं,
लघु जीवन लेकर आए हैं,
प्याले टूटा ही करते हैं,
फिर भी मदिरालय के अंदर
मधु के घट हैं, मधुप्याले हैं,
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं;
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट-प्यालों पर,
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है, चिल्लाता है!
जो बीत गई सो बात गई!