Sonh rabb di oh baahla jachda e
jadon chori chori mere val vekh hasda e
ਸੌਂਹ ਰੱਬ ਦੀ ਉਹ ਬਾਹਲਾ ਜੱਚਦਾ ਏ
ਜਦੋਂ ਚੋਰੀ-ਚੋਰੀ ਮੇਰੇ ਵੱਲ ਵੇਖ ਹੱਸਦਾ ਏ
Sonh rabb di oh baahla jachda e
jadon chori chori mere val vekh hasda e
ਸੌਂਹ ਰੱਬ ਦੀ ਉਹ ਬਾਹਲਾ ਜੱਚਦਾ ਏ
ਜਦੋਂ ਚੋਰੀ-ਚੋਰੀ ਮੇਰੇ ਵੱਲ ਵੇਖ ਹੱਸਦਾ ਏ
ਉਹਦੀ ਯਾਦ ਨੇ ਅੱਜ ਫਿਰ ਮੈਨੂੰ ਰੁਲਾ ਦਿਤਾ
ਦੋ ਲਫਜ਼ ਲਿਖਣੇ ਨੀ ਆਉਂਦੇ ਸੀ
ਉਹਦੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਦਿਤਾ
ohdi yaad ne ajh fir mainu rulaa dita
do lafz likhne nahi aunde c
ohde pyaar ne shayar bna dita
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।