sukge gulaab ishq de
suk gya ishq de paude
jo jaawe ishq de raah te
oh apni kabar nu khud khode
ਸੁਖਗੇ ਗ਼ੁਲਾਬ ਇਸ਼ਕ ਦੇ
ਸੁਖ ਗਿਆ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਪੋਧਾ
ਜੋ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹ ਤੇ
ਔਹ ਅਪਣੀ ਕਬਰ ਨੂੰ ਖੁਦ ਖੋਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
sukge gulaab ishq de
suk gya ishq de paude
jo jaawe ishq de raah te
oh apni kabar nu khud khode
ਸੁਖਗੇ ਗ਼ੁਲਾਬ ਇਸ਼ਕ ਦੇ
ਸੁਖ ਗਿਆ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਪੋਧਾ
ਜੋ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹ ਤੇ
ਔਹ ਅਪਣੀ ਕਬਰ ਨੂੰ ਖੁਦ ਖੋਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Jaroori nahi ke pyaar hamesha kisi ki shakal se hi ho
kabhi kabhi kisike nature se bhi pyaar ho jaata hai
जरुरी नहीं☝ की प्यार❤ हमेशा किसीकी शक्ल👨 से ही हो,,,,
कभी कभी किसीके #NåTuRê😌 से भी प्यार❤ हो जाता है..
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”