सुना है खूबसूरती की मरम्मत चल रही है,
आईने में देखी जो सूरत तुमसे जीत रही है,
चन्द फूल लगे तुम्हे बेहद संवरने में मगर,
उनकी खुशबू भी तुम्हारे हुस्न से महक रही है...
सुना है खूबसूरती की मरम्मत चल रही है,
आईने में देखी जो सूरत तुमसे जीत रही है,
चन्द फूल लगे तुम्हे बेहद संवरने में मगर,
उनकी खुशबू भी तुम्हारे हुस्न से महक रही है...
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
Doori Hui To Unse Kareeb Aur Hum Huye
Ye kese Faasle The Jo Badne Se Kam Huye….💔
दूरी हुई तो उनसे करीब और हम हुए
ये कैसे फासले थे जो बढ़ने से कम हुए….💔