Suna tha waqt har jakham bhar deta hai magar yaadein purani ho Jane se kahaniya nhi badla karti
सुना था वक़्त हर जख्म भर देता है मगर यादें पुरानी हो जाने से कहानियां नहीं बदला करती
Suna tha waqt har jakham bhar deta hai magar yaadein purani ho Jane se kahaniya nhi badla karti
सुना था वक़्त हर जख्म भर देता है मगर यादें पुरानी हो जाने से कहानियां नहीं बदला करती
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
Ishq hai❤Ya kuch aur Ye pta nhi🤷♂,….
Par jo🥴 tumse hai 😍 kisi aur se nhi…..!
इश्क़ है❤️या कुछ और ये पता नहीं🤷♂,….
पर जो🥴 तुमसे है 😍 किसी और से नहीं….. !