Suna tha waqt har jakham bhar deta hai magar yaadein purani ho Jane se kahaniya nhi badla karti
सुना था वक़्त हर जख्म भर देता है मगर यादें पुरानी हो जाने से कहानियां नहीं बदला करती
Suna tha waqt har jakham bhar deta hai magar yaadein purani ho Jane se kahaniya nhi badla karti
सुना था वक़्त हर जख्म भर देता है मगर यादें पुरानी हो जाने से कहानियां नहीं बदला करती
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो
दिल का हाल बताना नही आता,
हमे ऐसे किसी को तड़पाना नही आता,
सुनना तो चाहतें हैं हम उनकी आवाज़ को,
पर हमे कोई बात करने का बहाना नही आता।