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Suneri Bachpan😇

Sb Cheez ka ek wakt hota hai😕

Bachpan ko hi Lelo 🤪

Kya dukh Kya dard 🫣

Sb side pe bs dosto sang khelo🤗

Maasum woh bacche jisne Kabhi kuch na jhela🤓

Unke liye toh hota Har ek din

Khusiyon ka Mela😇

Or baap Ki Jeb Puri bazar 🤪

Or maa Ki kitchen koi Khano ka thela🍗🍔🍟🌭

Woh laamhe woh pal v Anmol hote 😊

Jab koi daat v de toh maa K Godi me jaake rote🥲🥹

Or woh raate v bdi anokhi bin Kahaani sune Kabhi na sote😊

Krte msti Majak or shaitaniya🫣😅

Phir v Masum ban rote🥹

Or un Bdo ka kehna chordo inko

Chlne do bacche toh aise hi hote🫡🤓

Wakt ne wakt hi bdl Diya😢

Ab toh bs yeh Soch K sote kat jaati raate😕

Kash woh Bachpan k wakt firse Laut aate

Title: Suneri Bachpan😇

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


YAAD NI AUNDI

har Kise nu mohobat raas nai aundi eh taan apne apne naseeb di gal hai koi bhulda ni te kise nu yaad ni aundi

har Kise nu mohobat raas nai aundi
eh taan apne apne naseeb di gal hai
koi bhulda ni te kise nu yaad ni aundi



AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi