Enjoy Every Movement of life!
करवट बदलकर सोने की कोशिश की, नींद फिर भी ना आई..
रात कमरे में बस हम दोनो थे, मैं और मेरी तनहाई..
उसे पसंद नहीं मुझसे दूर जाना, और मैने कभी वो पास ना बुलाई..
आखिर में बैठकर बातें की उससे, और जान पहचान बढ़ाई..
उसने कहा साथ उसे अच्छा लगता है मेरा, पर मुझे वो रास न आई..
समझाया उसे दूर होजा मुझसे, इतनी सी बात भी उसे समझ ना आई..
आखिर में अपनाना पड़ा उसे, वो तो मुझे छोड़ ना पाई..
जब अपनाकर उसे, आंखें बंद की मैने, तब जाकर कहीं मुझे नींद आई….
Na pind vich mashoor na dil vich garoor
maan karde aa maape dhee saadhi bure kamaan ton door..
ਨਾ ਪਿੰਡ ਵਿਚ ਮਸ਼ਹੂਰ ਨਾ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਗਰੂਰ ,
ਮਾਣ ਕਰਦੇ ਆ ਮਾਂਪੇਂ ਧੀ ਸਾਡੀ ਬੁਰੇ ਕੰਮਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ..!!
