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Taare Chann || Punjabi shayari || love shayari

Chann te Eh taare
Puchde metho eko hi swaal
Iklla Hun raati rehna e
Kihda e khayal..
Tasveer kihdi jihnu roj dekhda tu
Ehde lyi kyu gurdware roj mathe tekda tu
Pyar e izhaar taa kar
Khayalan ch hi na mohobbat nu roj mukammal kar..

ਚੰਨ ਤੇ ਇਹ ਤਾਰੇ 
ਪੁੱਛਦੇ ਮੈਥੋਂ ਇਕੋ ਹੀ ਸਵਾਲ
ਇਕੱਲਾ ਹੁਣ ਰਾਤੀ ਰਹਿਨਾ ਏ 
ਕਿਹਦਾ ਏ ਖਿਆਲ..
ਤਸਵੀਰ ਕਿਹਦੀ ਜਿਹਨੂੰ ਰੋਜ਼ ਦੇਖਦਾ ਤੂੰ
ਇਹਦੇ ਲਈ ਕਿਉਂ ਗੁਰੂ ਦੁਆਰੇ ਰੋਜ਼ ਮੱਥੇ ਟੇਕਦਾ ਤੂੰ
ਪਿਆਰ ਏ ਇਜ਼ਹਾਰ ਤਾਂ ਕਰ
ਖਿਆਲਾਂ ‘ਚ ਹੀ ਨਾਂ ਮਹੁੱਬਤ ਨੂੰ ਰੋਜ਼ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰ..

Title: Taare Chann || Punjabi shayari || love shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani


Aajh aisa kya hua || 🥰Love 🥰 || punjabis hayari

ਅੱਜ ਐਸਾ ਕਾ hogiaa janab ki chand ਇਤਨੀ ਜਲਦੀ ਨਿਕਲ ਆਇਆ,
ਜਿਸ ਕੋ mene aapni dil ki bat ਬਤਾਈ ਉਸ ਕਾ koi ਵੀ jabab ਨਹੀਂ ਆਇਆ

Title: Aajh aisa kya hua || 🥰Love 🥰 || punjabis hayari