Ik reejh adhoori ae
tainu seene laun lai
tera naam tarsda ae
bullan te aun lai
ਇਕ ਰੀਜ਼ ਅਧੂਰੀ ਐ
ਤੈਨੂੰ ਸੀਨੇ ਲਾਉਣ ਲਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਤਰਸਦਾ ਏ
ਬੁਲਾਂ ਤੇ ਆਉਣ ਲਈ
Ik reejh adhoori ae
tainu seene laun lai
tera naam tarsda ae
bullan te aun lai
ਇਕ ਰੀਜ਼ ਅਧੂਰੀ ਐ
ਤੈਨੂੰ ਸੀਨੇ ਲਾਉਣ ਲਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਤਰਸਦਾ ਏ
ਬੁਲਾਂ ਤੇ ਆਉਣ ਲਈ
Kya haseen itefaq tha teri gali mein aane ka,
Kisi kaam se aaye the, kisi kaam ke nahi rahe…😊🥀
क्या हसीन इत्तेफ़ाक था तेरी गली में आने का,
किसी काम से आये थे, किसी काम के नहीं रहे…😊🥀
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है