Ik reejh adhoori ae
tainu seene laun lai
tera naam tarsda ae
bullan te aun lai
ਇਕ ਰੀਜ਼ ਅਧੂਰੀ ਐ
ਤੈਨੂੰ ਸੀਨੇ ਲਾਉਣ ਲਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਤਰਸਦਾ ਏ
ਬੁਲਾਂ ਤੇ ਆਉਣ ਲਈ
Ik reejh adhoori ae
tainu seene laun lai
tera naam tarsda ae
bullan te aun lai
ਇਕ ਰੀਜ਼ ਅਧੂਰੀ ਐ
ਤੈਨੂੰ ਸੀਨੇ ਲਾਉਣ ਲਈ
ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਤਰਸਦਾ ਏ
ਬੁਲਾਂ ਤੇ ਆਉਣ ਲਈ
Zindagi beet gai sabh nu khush karan ch
Jehdhe aapne c oh kade khush hoye hi nahi
te jehdhe khush hoye oh kade aapne bane hi nahi
ਜਿੰਦਗੀ ਬੀਤ ਗਈ ਸਭ ਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ‘ਚ
‘ਜਿਹੜੇ’ ਆਪਣੇ ਸੀ ਉਹ ਕਦੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਨਹੀਂ
ਤੇ ਜਿਹੜੇ ਖੁਸ਼ ਹੋਏ ਉਹ ਕਦੇ ਆਪਣੇ ਬਣੇ ਨਹੀਂ।
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..