Laga Kar Aag Seeney Mein Chale Ho Tum Kahan
Abhi To Raakh Udne Do Tamasha Aur Bhi Hoga!
Laga Kar Aag Seeney Mein Chale Ho Tum Kahan
Abhi To Raakh Udne Do Tamasha Aur Bhi Hoga!
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Tere naal mulakat menu injh japdi e
Jiwe hawawan di hundi kise udd de prinde naal..!!
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਮੈਨੂੰ ਇੰਝ ਜਾਪਦੀ ਏ
ਜਿਵੇਂ ਹਵਾਵਾਂ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਕਿਸੇ ਉੱਡਦੇ ਪਰਿੰਦੇ ਨਾਲ..!!