जदो दी फड़ी ओहने
मेरी कलाई
मै अपना आप
गवा आयी हाँ
टूट गयी मेरी
कंच दी वंग
पर मैं फेर
भी हथ छुड़ा
आयी हाँ
भज दी दी
मेरी खुल गई
पज़ेब
मै निशानी बाज
ओनु फड़ा
आयी हाँ
जालिम किता
जादू ऐसा
मैं दिल अपना
ओहदे ते लुटा
आयी हा
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हां
मैं इश्के दी पींग
चढ़ा आयी हाँ..हर्ष✍️
यू जो हो जाता है सब पे ऐतवारे मोहब्बत…
ये इश्क है या हो गया है बाजारे मोहब्बत….
टुटे दिल की भी कीमत लगा रहे हैं लोग….
क्या खरीदेंगे ये कीरदारे मोहब्बत…
कई लोग आए और चले गए इस बाजार से
बचा ना कि आज तक जमीदारे मोहब्बत
जिसे मिली वो रख न सका, जिसे मिली वो रह न सका
बड़ी बेमन है ये इमंदारे मोहब्बत
दिन या रात गुज़रते ह तुम्हें ही सोच कर महविश
चक रहे ह अब हम भी ये बीमार ए मोहब्बत🥀