Suno
भर के लबों से जाम
बज्म मैं छलकाए जाते है
और सितम तो देखिए
एक कतरे के लिए इरफान
को तरसाए जाते है
Enjoy Every Movement of life!
Suno
भर के लबों से जाम
बज्म मैं छलकाए जाते है
और सितम तो देखिए
एक कतरे के लिए इरफान
को तरसाए जाते है
Tum Chahe kitna bhi aansu bha lo,
usse dusron ko koi fark nahi padhta
aankhe to hamari hoti hai,
par aansu hamesha dusron ke liye hi hote hai
तुम चाहे कितना भी आंसू बहा लो,
उससे दूसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
आंखें तो हमारी होती है।
पर आंसू हमेशा दूसरों के लिए ही होते हैं।
