TASKEEN BAN KAR YUN DIL KE MERI
KAR GAYE MUBTALA ULJHAN MAIN HAMAIN
تسکین بن کر یوں دل کے میری
کر گئے مبتلا الجھن میں ہمیں
TASKEEN BAN KAR YUN DIL KE MERI
KAR GAYE MUBTALA ULJHAN MAIN HAMAIN
تسکین بن کر یوں دل کے میری
کر گئے مبتلا الجھن میں ہمیں
Sote sote jag jati hu jagte jagte so jati hoon
Fir yaad tumhari aati hai meethe sapno mein kho jati hoon
Apna milna is jeevan mein shayad ab namumkin hai
Khwabon mein hi sahi magar kuch pal ko tumhari ho jati hoon..!!
सोते सोते जग जाती हूँ जगते जगते सो जाती हूँ!
फिर याद तुम्हारी आती है मीठे सपनों मे खो जाती हूँ!
अपना मिलना इस जीवन मे शायद अब नामुमकिन है!
ख्वाबों मे ही सही मगर कुछ पल को तुम्हारी हो जाती हूँ!!
कभी उसकी यादें ठहर जाती हैं आकर, कभी टकराकर चली जाती हैं..
कभी गमों में डूबाये रखती हैं मुझे, कभी हंसाकर चली जाती हैं..
आज भी वो मेरे आस-पास है, कभी ये अहसास दिलाकर चली जाती है..
कभी एक झलक उसकी पाने को तरसूं, दिल जला कर चली जाती है..
उसका सपनों में आना-जाना यूं है जैसे, झपकी आकर चली जाती है..
मैं सुकून भरी नींद के इंतजार में होता हूं, सबको आकर चली जाती है..