TASKEEN BAN KAR YUN DIL KE MERI
KAR GAYE MUBTALA ULJHAN MAIN HAMAIN
تسکین بن کر یوں دل کے میری
کر گئے مبتلا الجھن میں ہمیں
TASKEEN BAN KAR YUN DIL KE MERI
KAR GAYE MUBTALA ULJHAN MAIN HAMAIN
تسکین بن کر یوں دل کے میری
کر گئے مبتلا الجھن میں ہمیں
मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…
Chain Na mile din rain Na mile
Ki kar ditta ishq halatan ne..!!
Menu pagl karke rakhta e
ehna athre jehe jajbata ne..!!
ਚੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ ਦਿਨ ਰੈਨ ਨਾ ਮਿਲੇ
ਕੀ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਇਸ਼ਕ ਹਾਲਾਤਾਂ ਨੇ..!!
ਮੈਨੂੰ ਪਾਗਲ ਕਰਕੇ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਏ
ਇਹਨਾਂ ਅੱਥਰੇ ਜਿਹੇ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨੇ..!!