Skip to content

Taskeen ban kar || Urdu Ghazal or Shayari

TASKEEN BAN KAR YUN DIL KE MERI

KAR GAYE MUBTALA ULJHAN MAIN HAMAIN

تسکین بن کر یوں دل کے میری
کر گئے مبتلا الجھن میں ہمیں

Title: Taskeen ban kar || Urdu Ghazal or Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Phoolo ne kabhi || Shayari

फूलों ने कभी तोड़ने का दर्द कहा है,
कांटों ने ही हमेशा दुश्मनी निभाई है;
मोहब्बत भी फना का ही एक और नाम है,
यह रूसवा तो​ हुई है, पर इसने हमेशा वफादारी निभाई है।

ऐ चांद तेरे आने का सबब सबको मालूम नहीं,
कुछ लोग दिया जलाते हैं, और कुछ दिल जलाते हैं;
या वो अच्छी हैं या बुरी, हसरतें तो अपनी हैं,
मगर लोग अक्सर दाग तुझ पर लगाते हैं।

ऐ मेरे दोस्त तू समन्दर बन जा,
क्या खोया क्या पाया इसकी चाहत न कर;
तेरे अंदर ही एक मुकम्मल जहां है,
तू बाहर से किसी और की आस न कर।

मुमकिन है कि मंजिलें मुझसे दूर बहुत हैं,
पर रास्ते पर चलना मेरी फितरत बन गयी है;
उजाले समेटने में कोई वाहवाही नहीं,
अन्धेरों में रोशनी करना मेरी आदत बन गयी है।

ऐसे चलो कि चल के फिर गिरना न पड़े,
इतना उठो कि उठ के फिर झुकना न पड़े;
लेकिन गिरना, उठना तेरे बस में नहीं ऐ दोस्त,
इसलिए उसका हाथ पकड़ के चलो कि फिर रोना न पड़े।

मां के हाथों की बरकत का अंदाजा इस से हो गया,
थी एक वक्त की रोटी हर रोज,
और तीस वर्ष तक गुजारा हो गया;
आज रोटी तो है हर वक्त की, लेकिन वो वक्त कहीं पर खो गया।

ऐ जिंदगी, ये तेरे सवाल की तारीफ नहीं,
यह मेरे जवाब का हुनर कि जिंदगी की उलझने सुलझती चली गयीं;
मैं तो बस अपने दिल की कह रहा था,
और कहानियां बनती चली गयीं।

न थी जिंदगी से शिकायत,
न वक्त से कुछ गिला था;
जो मुझको नहीं मिला,
वो खुद मेरा ही सिला था;
मदद-ओ-मशवरे कम नहीं थे मददगारों के,
पर अफसोस जो तकदीर ने दिया था वह दर्द ही मुझे मिला था।

ऐ वतन कर्ज तो तेरा मैं जब उतारूं, जब मेरे पास कुछ अपना भी हो; तेरी मिट्टी, तेरा पानी, तेरी हवा, तेरी धूप, तेरी छांव, तेरी रोटी और नाम तेरा, फिर भी बस एक कतरा ही बन पाउं तेरा, तो मैं समझूं और तुझको मैं अपना पुकारूं।

जिंदगी जीने का अंदाज तो आया मगर अफसोस,
वो मुकम्मल एहसास नहीं आया;
वो हुनर तो आया मगर,
ऐ बदनसीबी वो मुकाम कभी नहीं आया।

यूं गलतफहमियां पाला न करो,कभी आईने में खुद को निहारा भी करो; ये जो चेहरा है वो सब कुछ बयां कर देता है; कभी इसको जुबां पर उतारा भी करो।

आशुतोष श्रीवास्तव

Title: Phoolo ne kabhi || Shayari


Paini sabnu vichodeyan di maar || Punjabi shayari || life shayari || sad but true shayari

lok khedan aaye din chaar || punjabi true shayari || life shayari

Eh rabb di banayi hoyi awalli duniya
Lok vassde lakhan hazaar ethe..!!
Koi daultaan paun di chahat ch e betha
Koi labbda firda e pyar ethe..!!
Koi dil laga k beth gaya e kise naal
Koi karda pith pishe vaar ethe..!!
Jo sbnu hasaun te lagga hoyia
Ohi paya Ronda mein yaar ethe..!!
Marde hoye de piche sb Ron aunde
Jionde jee Na lenda koi saar ethe..!!
Kise dardaan si hadd ne maar mukayeya
Koi labbe khushiyan di bahar ethe..!!
Mumkin nahi koi sari umar sath dewe
Lok khedan aaye din char ethe..!!
“Roop” duniya e rabb de rang tamashe
Paini sbnu vichodeyan di maar ethe..!!

ਇਹ ਰੱਬ ਦੀ ਬਣਾਈ ਹੋਈ ਅਵੱਲੀ ਦੁਨੀਆਂ
ਲੋਕ ਵੱਸਦੇ ਲੱਖਾਂ ਹਜ਼ਾਰ ਇੱਥੇ..!!
ਕੋਈ ਦੌਲਤਾਂ ਪਾਉਣ ਦੀ ਚਾਹਤ ‘ਚ ਏ ਬੈਠਾ
ਕੋਈ ਲੱਬਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਏ ਪਿਆਰ ਇੱਥੇ..!!
ਕੋਈ ਦਿਲ ਲਗਾ ਕੇ ਬੈਠ ਗਿਆ ਏ ਕਿਸੇ ਨਾਲ
ਕੋਈ ਕਰਦਾ ਏ ਪਿੱਠ ਪਿੱਛੇ ਵਾਰ ਇੱਥੇ..!!
ਜੋ ਸਭਨੂੰ ਹਸਾਉਣ ਤੇ ਲੱਗਾ ਹੋਇਆ
ਓਹੀ ਪਾਇਆ ਰੋਂਦਾ ਮੈਂ ਯਾਰ ਇੱਥੇ..!!
ਮਰਦੇ ਹੋਏ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਸਭ ਰੋਣ ਆਉਂਦੇ
ਜਿਓੰਦੇ ਜੀਅ ਨਾ ਲੈਂਦਾ ਕੋਈ ਸਾਰ ਇੱਥੇ..!!
ਕਿਸੇ ਦਰਦਾਂ ਦੀ ਹੱਦ ਨੇ ਮਾਰ ਮੁਕਾਇਆ
ਕੋਈ ਲੱਭੇ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੀ ਬਹਾਰ ਇੱਥੇ..!!
ਮੁਮਕਿਨ ਨਹੀਂ ਕੋਈ ਸਾਰੀ ਉਮਰ ਸਾਥ ਦੇਵੇ
ਲੋਕ ਖੇਡਣ ਆਏ ਦਿਨ ਚਾਰ ਇੱਥੇ…!!
“ਰੂਪ” ਦੁਨੀਆਂ ਏ ਰੱਬ ਦੇ ਰੰਗ ਤਮਾਸ਼ੇ
ਪੈਣੀ ਸਭਨੂੰ ਵਿਛੋੜਿਆਂ ਦੀ ਮਾਰ ਇੱਥੇ..!!

Title: Paini sabnu vichodeyan di maar || Punjabi shayari || life shayari || sad but true shayari