Tu Pathar baneya reha
hanju mere dulde rahe
tu chup vehnda reha
jad saah mere nikalde gaye
ਤੂੰ ਪੱਥਰ ਬਣਿਆ ਰਿਹਾ
ਹੰਝੂ ਮੇਰੇ ਡੁੱਲਦੇ ਰਹੇ
ਤੁੰ ਚੁੱਪ ਵਹਿੰਦਾ ਰਿਹਾ
ਜਦ ਸਾਹ ਮੇਰੇ ਨਿਕਲਦੇ ਗਏ
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..