एक बार अकबर अपने साथियों के साथ जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए जंगल में चला गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। थके हुए और प्यासे होने पर, उन्होंने पास के गाँव में जाने का फैसला किया और महेश दास नाम के एक युवा स्थानीय लड़के से मिले, जो तुरंत उनकी मदद करने के लिए तैयार हो गया।
लड़के को पता नहीं था कि अकबर कौन था, इसलिए जब अकबर ने छोटे लड़के से पूछा कि उसका नाम क्या है तो उसने उससे जिरह किया। उनके आत्मविश्वास और चतुराई को देखकर अकबर ने उन्हें एक अंगूठी दी और बड़े होने पर उनसे मिलने को कहा। बाद में लड़के को एहसास हुआ कि यह एक शाही अंगूठी थी और वह हाल ही में सम्राट अकबर से मिला था।
कुछ वर्षों के बाद जब महेश दास बड़े हुए तो उन्होंने अकबर के दरबार में जाने का फैसला किया। वह दरबार में एक कोने में खड़ा था जब अकबर ने अपने अमीरों से पूछा कि उन्हें कौन सा फूल पृथ्वी पर सबसे सुंदर फूल लगता है। किसी ने उत्तर दिया गुलाब, किसी ने कमल, किसी ने चमेली लेकिन महेश दास ने सुझाव दिया कि उनकी राय में यह कपास का फूल है। पूरा दरबार हँसने लगा क्योंकि कपास के फूल गंधहीन होते हैं। इसके बाद महेश दास ने बताया कि कपास के फूल कितने उपयोगी होते हैं क्योंकि इस फूल से पैदा होने वाली कपास का उपयोग गर्मियों के साथ-साथ सर्दियों में भी लोगों के लिए कपड़े बनाने के लिए किया जाता है।
अकबर उत्तर से प्रभावित हुआ। तब महेश दास ने अपना परिचय दिया और सम्राट को वह अंगूठी दिखाई जो उन्होंने वर्षों पहले दी थी। अकबर ने ख़ुशी-ख़ुशी उन्हें अपने दरबार में एक रईस के रूप में नियुक्त किया और महेश दास को बीरबल के नाम से जाना जाने लगा।
पैसा सब कुछ खरीद भी सकते है, खरीद नहीं भी सकते है।
जिनके पास पैसा है, उनका इंसानियत ही बताएगा के पैसा क्या कर सकते है।
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जनम से पता नहीं चलता कौन पंडित और कौन मेहतर है।
इन्सान का ब्यबहार ही बताता है के वो समाज में किस स्तर पर है।
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अंतिम वक्त सबका आता है, लेकिन समय कभी ख़तम नहीं होता।
ज़िन्दगी दो दिन का, लेकिन अमर विजेता।
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मेरा ज़िन्दगी का फिल्म में भी बॉक्स ऑफिस फैक्टर।
में एक्टर, किस्मत प्रोडूसर और समय डायरेक्टर।
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कंक्रीट का जंगल में हम सब जानवर।
शेर कहाँ मिलेगा, हम सब सियार।
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फूलों के रंग छा गये है मन में, लहर की आवाज़ उठी है दिल में।
दिन में सूरज, रात में चंद्रमा, रोशन जिंदगी में।
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भासा सब एक है, भावना में अंतर।
खून सबका लाल है, इंसानियत पत्थर।
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प्यार खुद आता है, उसे बुलाना नहीं होता।
किस्मत में लिखा है समय का पता।
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सुहाना मौसम में चैन का साँस।
प्यार का मतलब दोस्ती में बिस्वास।
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सुभे अँधेरा, नींद में टाउन।
फिर से लॉकडाउन।
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वक्त का इंतज़ार में, होगी जीत।
धीर रहो, सुनो पल का गीत।
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लहर हवा की तरह चलती फिरती है।
बात वक्त की तरह उचित सिखाती है।
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ज्यादा सुनोगे तो रहोगे दुःखी।
कल की बात, गुजरा हुआ रात, सुनो दिल की, अपने में सुखी।
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अगर दर्द नहीं होता तो आराम भी नहीं मिलता।
अगर झगड़ा नहीं होता तो प्यार भी खो जाता।
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मम्मी पापा अगर डांटते है, आशीर्वाद वो।
बीबी का डाँटना मतलब हालत बुरा, सब ख़तम जब डांटते है बच्चो।
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घरवाले अच्छे हो तो पड़ोसी का जरुरत नहीं।
घरवाले बुरे हो तो अच्छे पड़ोसी भी होते नहीं सही।
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दोस्त कहां पर मिलेगा।
खुद के बारे में सोचता हुआ इंसान अब यह पूछेगा।
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सुख रोते है कबर में, शांति जलते है श्मशान में।
छुपाओ खुदको, किसी के साथ मिलो मत, संक्रमण सांस में।
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जिंदगी में बड़ा बनना है तो उतना ही चालाक बनो जितना ईमानदार हो।
नही तो दूसरे आके ले लेंगे तुम्हारा ज़मीन और खा जायेंगे तुम्हारा छाँव।
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जिंदगी में हम लोग खेलने आये है, यहाँ ट्रॉफी सब को नहीं मिलता।
सिर्फ खेल का मजा लो, हार जीत एक साथ रहता।
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खून की नदी बहती, मार का बदला मार।
नेतागिरी राजनीती छेड़ता है मोहब्बत और प्यार।
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जो क्राइम करते है, उनके दिमाग ख़राब है।
शादी करो या नहीं भी करो, हालत हमेशा बुरा है।
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क्रिमिनल बनता नहीं, बनाया जाता है।
क्राइम का ठिकाना जेल और क्रिमिनल का पागलखाने ही गंतब्य होता है।
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कभी कभी दिमाग में ट्रैफिक जैम हो जाता।
बिगड़ा हुआ सिग्नल पकड़ता हालत को और वक्त ट्रैफिक पुलिस का काम करता।
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नियति समय का ही एक रूप।
वक्त का सही इस्तेमाल करो, उसका इंतज़ार में रहते हैं सिर्फ बेकूफ़।