tainu samjhawa kinjh me pyaar mera
ve tu smjhe hi naa
kare galla har wele marn diyaa
ve jeena tere naal samjhe hi naa
ਤੈਨੂੰ ਸਮਝਾਵਾਂ ਕਿੰਝ ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਮੇਰਾ,
ਵੇ ਤੂੰ ਸਮਝੇਂ ਹੀ ਨਾਂ
ਕਰੇ ਗੱਲਾ ਹਰ ਵੇਲੇ ਮਰਨ ਦੀਆਂ,
ਵੇ ਜੀਣਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਸਮਝੇਂ ਹੀ ਨਾ
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..