ewe bahutiaa fikraa na kareya kar
dimaag ‘ch ni asi tainu dil ‘ch rakheyaa
ਐਵੇਂ ਬਹੁਤੀਆਂ ਫਿਕਰਾਂ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਦਿਮਾਗ ‘ਚ ਨੀਂ ਅਸੀਂ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਰੱਖਿਆ…❤
ewe bahutiaa fikraa na kareya kar
dimaag ‘ch ni asi tainu dil ‘ch rakheyaa
ਐਵੇਂ ਬਹੁਤੀਆਂ ਫਿਕਰਾਂ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਦਿਮਾਗ ‘ਚ ਨੀਂ ਅਸੀਂ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਰੱਖਿਆ…❤
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।

masyaa di kali raat da ni c koi kasoor
sanu tan punyaa de chan ne maaryaa
vairyiaan kole kithe c inni himant
sanu tan sade mehram ne mariyaa