
Tenu jaan ton vad ke chauhna e..!!
Na udaas hona Na Rona e..!!
Bas tere ishq ch pagl hona e..!!

ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
Jaam ne bhi haar maan li
Tumhari yaadein bhulne ke liye..
Lagta hai maut se mulakat krni hi pdegi🍁
जाम ने भी हार मान ली..
तुम्हारी यादें भूलने के लिऐ..
लगता है मौत से मुलाकात करनी ही पड़ेगी🍁