Skip to content

Tera naa || Love punjabi shayari

ਮੈਂ ਸ਼ਾਹ ਮੇਰੇ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਜੇ ਲਿਖ ਦੇਆਂ

ਤੈਨੂੰ ਕ਼ਦਰ ਓਹਦੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਹੋਣੀਂ ਨੀਂ

ਮੈਂ ਵੱਖ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਮੈਂ ਸਿੱਖੀ ਏਂ ਵਫ਼ਾ ਮੁਹੱਬਤ ਵਿੱਚ

ਤੂੰ ਖਾਵੇਂ ਕਸਮਾਂ ਤੇਥੋਂ ਵਫ਼ਾ ਤਾਵੀ ਹੋਣੀਂ ਨੀਂ

 

ਹਰ ਇੱਕ ਸ਼ਾਹ ਤੇ ਲਿਆਂ ਨਾਂ ਤੇਰਾ ਮੈਂ

ਛੱਡ ਦਉ ਕਲ਼ਮ ਓਹਦੋਂ ਸ਼ਾਇਰੀ ਵਿੱਚ ਜੇ ਲਉ ਨਾਂ ਤੇਰਾ ਮੈਂ

Title: Tera naa || Love punjabi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Urdu Ghazal or Shayari

نہ طور، نہ طریقہ، نہ تمیز، نہ تہذیب، نہ ادب، نہ سلیقہ، نہ شعور

پل رہے ہیں شیر خوار بھی یہاں کن کن وہشتوں کے درمیاں

NA TAUR, NA TAREEQUA, NA TAMEEZ, NA TEHZEEB, NA ADAB, NA SALEEQUA, NA SHAOOR

PAL RAHE HAIN SHERKHWAAR BHI YAHAAN KIN KIN WEHSHATON KE DARMYAAN

Title: Urdu Ghazal or Shayari


Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल

माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥

Title: Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल