Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai
Teri har muskan se mili mujhe kushi hai
Muskuraate Rehna isi Tarah humesha
Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai
Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai
Teri har muskan se mili mujhe kushi hai
Muskuraate Rehna isi Tarah humesha
Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
ek vaqt gujara use dekhe hue
jaane ab vo kaisee dikhatee hogee
kya ab bhee vaisee dikhatee hogee
haan haan kya pahale jaisee dikhatee hogee
jis aaine ko dekh vo sanvaaratee hogee
kya khoob usakee bhee kismat hogee
एक वक़्त गुजरा उसे देखे हुए
जाने अब वो कैसी दिखती होगी
क्या अब भी वैसी दिखती होगी
हाँ हाँ क्या पहले जैसी दिखती होगी
जिस आइने को देख वो संवारती होगी
क्या खूब उसकी भी किस्मत होगी