Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai
Teri har muskan se mili mujhe kushi hai
Muskuraate Rehna isi Tarah humesha
Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai
Tera Saath hai Toh mujhe kya kami hai
Teri har muskan se mili mujhe kushi hai
Muskuraate Rehna isi Tarah humesha
Kyonki teri is muskan mein meri jaan basi hai
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Tu pyaar hai mera, taahi door hai mere ton,
Je zid hunda, taan hun hath vaahan ch hona c…..