Tera time changa jo asin tainu yaad karde aa
je saadha time aa gya fir luk luk ke royeaa karega
ਤੇਰਾ ਟਾਇਮ ਚੰਗਾ ਜੋ ਅਸੀ ਤੈਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦੇ ਆ ,
ਜੇ ਸਾਡਾ ਟਾਇਮ ਆ ਗਿਆ ਫਿਰ ਲੁਕ ਲੁਕ ਕੇ ਰੋਇਆ ਕਰੇੇੇੇਗਾ।।
Tera time changa jo asin tainu yaad karde aa
je saadha time aa gya fir luk luk ke royeaa karega
ਤੇਰਾ ਟਾਇਮ ਚੰਗਾ ਜੋ ਅਸੀ ਤੈਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦੇ ਆ ,
ਜੇ ਸਾਡਾ ਟਾਇਮ ਆ ਗਿਆ ਫਿਰ ਲੁਕ ਲੁਕ ਕੇ ਰੋਇਆ ਕਰੇੇੇੇਗਾ।।
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”