तेरे बाद में इश्क नही करता
तू आखरी थी अब मैं किसी पे नही मरता
बोहोत सुना जमाने को मगर
अब मैं लोगो की परवाह नही करता
Enjoy Every Movement of life!
तेरे बाद में इश्क नही करता
तू आखरी थी अब मैं किसी पे नही मरता
बोहोत सुना जमाने को मगर
अब मैं लोगो की परवाह नही करता
आ भर लूं तुझे आंखों के प्यालों में,
कहीं और जाने दूं तो कैसे...
कोशिशें तो करता हूं हरपल,
आंखो में नमी आने दूं तो कैसे...
वो दौर भी इश्क़ का आकर
गुज़र गया इक लम्हा हो जैसे...
सिमट जाऊंगा सुलगती चंद लकड़ियों में
पर तेरे कानों तक ये बात जाने दूं तो कैसे...
Rabba kujh aisa kar ke
ohnu dard hon te mainu mehsoos na howe
ਰੱਬਾ ਕੁਝ ਐਸਾ ਕਰ ਕਿ
ਉਹਨੂੰ ਦਰਦ ਹੋਣ ਤੇ
ਮੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਨਾ ਹੋਵੇ