तेरे बाद में इश्क नही करता
तू आखरी थी अब मैं किसी पे नही मरता
बोहोत सुना जमाने को मगर
अब मैं लोगो की परवाह नही करता
तेरे बाद में इश्क नही करता
तू आखरी थी अब मैं किसी पे नही मरता
बोहोत सुना जमाने को मगर
अब मैं लोगो की परवाह नही करता
na jjane kaisaa manzar hoga
jab tera kisi se sangam hoga
dil ke sau tukdhe honge
jab tere ghar ke samne se guzar rahe honge
ਨਾ ਜਾਣੇ ਕੈਸਾ ਮੰਜ਼ਰ ਹੋਗਾ,,
ਜਬ ਤੇਰਾ ਕਿਸੀ ਸੇ ਸੰਗਮ ਹੋਗਾ ।
ਦਿਲ ਕੇ ਸੌ ਟੁਕੜੇ ਹੋਂਗੇ,,
ਜਬ ਤੇਰੇ ਘਰ ਕੇ ਸਾਮਣੇ ਸੇ ਗੁਜ਼ਰ ਰਹੇ ਹੋਂਗੇ
Rakh himmat kar koshish ye ghadi hai khud ko aajmaane ki bekhauf chal safar pe apne na kar fikar zamaane ki khuda bhi kehta hai tujhse nhi jarurat dagmagane ki ab baari manzil ki hai tere kadmo me jhuk jane ki ♠️
रख हिम्मत कर कोशिश ये घड़ी है खुद को आजमाने की बेखौफ चल सफर पे अपने न कर फिक्र ज़माने की खुदा भी कहता है तुझसे नही जरुरत डगमगाने की अब बारी मंज़िल की है तेरे कदमों में झुक जाने की♠️