तेरे बिन हम जीए भी क्या जीए
तू मिल न जाती अगर प्यार सच्चा होता
अब शक है अपनी मोहाबत पे हमे
बिछड़ते ही मर जाते हो अच्छा होता💔
Enjoy Every Movement of life!
तेरे बिन हम जीए भी क्या जीए
तू मिल न जाती अगर प्यार सच्चा होता
अब शक है अपनी मोहाबत पे हमे
बिछड़ते ही मर जाते हो अच्छा होता💔

तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...