
Kyunki deewane tere kehlate hain..!!

कुछ खावोगे कुछ पाओगे,
हर लम्हे मे कुछ नया सीख जाओगे,
संघर्षो से ही बढ़ी है दुनिया,
मेहनत से ही बहुत कुछ कर जाओगे
छोड़ के सारी महफ़िल तुम नित्य कर्म करते रहो…
जिंदगी एक सफर है, चलते रहो
चलते रहो…..
खमियाज़ा ए ज़िन्दगी हर पल मिलता है,
कोई कुछ वक्त तो कोई ज़िन्दगी भर साथ चलता है...
मैं अपनी राहों पर अब अकेले निकाल आया हूं,
जो वक्त सबका था कुछ अपने लिए लाया हूं...
शीशे की कब्र में दफ्न जैसे कोई राज़ हूं,
बरसों से अनसुना जैसे कोई साज़ हूं...
ज़िन्दगी का हाथ थाम कर अब चलने की गुज़ारिश है,
सपनों से तर आगे समंदर और बारिश है...
इक दिन समंदर और बारिश भी पार कर जाऊंगा,
सबकी नज़रें होगी मुझपे और मैं ज़िन्दगी गुलज़ार कर जाऊंगा....