तेरे इश्क में हम पागल हो गये,
तेरे दीवाने हो गये,
तेरे सिवा कोई आये ना नज़र,
तेरे नजरों के शिकार हो गये।
तेरे इश्क में हम पागल हो गये,
तेरे दीवाने हो गये,
तेरे सिवा कोई आये ना नज़र,
तेरे नजरों के शिकार हो गये।
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Mere dil ka bas yahi kaam hai
Ke tere liye bas dhadkta rahe
Chahe manzil mile ya na mile
Apna kaam bas karta rahe❤
मेरे दिल का बस यही काम है
की तेरे लिए बस धड़कता रहे
चाहे मंजिल मिले या ना मिले
अपना काम बस करता रहे❤