tere khyaal v akhbaar warge ne
ik din v shutti nai karde
ਤੇਰੇ ਖਿਆਲ ਵੀ ਅਖ਼ਬਾਰ 📰 ਵਰਗੇ ਨੇ,
ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਛੁੱਟੀ ਨਈ ਕਰਦੇ ❤️
tere khyaal v akhbaar warge ne
ik din v shutti nai karde
ਤੇਰੇ ਖਿਆਲ ਵੀ ਅਖ਼ਬਾਰ 📰 ਵਰਗੇ ਨੇ,
ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਛੁੱਟੀ ਨਈ ਕਰਦੇ ❤️
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
raaton me abb use wo baat nahi hoti
ab pehle jaise har ravivar mulaqat nahi hoti
har baar bichdane ka reason bewafai nahi hoti
uski maa ne mana kardiya shadi se
kehkar
hamari our tumari barabari nahi hoti