tere shehar fiyaa waadiyaa te tere shehar diyaa hawaawa
tere pind di nehar te tere pind diyaa rahwaa
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵਾਦੀਆਂ ਤੇ ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਹਵਾਵਾਂ
ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹਿਰ ਤੇ ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਰਾਹਵਾਂ
tere shehar fiyaa waadiyaa te tere shehar diyaa hawaawa
tere pind di nehar te tere pind diyaa rahwaa
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵਾਦੀਆਂ ਤੇ ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਹਵਾਵਾਂ
ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹਿਰ ਤੇ ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਰਾਹਵਾਂ

मैं तुम्हे तुमसे ज्यादा जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जानता हूं,
जो कहते नहीं वो आंखों से बता देते हो,
मैं तुम्हारी नजरों का हर इशारा जानता हूं
जानता हूं हाथ थाम कर चलना पसंद है तुम्हे,
फिर कांधे में सिर रखकर बैठना पसंद है तुम्हे,
पानी में लिखकर नाम अक्सर मिटा देते हो,
मेरे साथ रहने का तुम्हारा हर बहाना जानता हूं,
मैं तुम्हारे दिल का हर किनारा जनता हूं...