tere shehar fiyaa waadiyaa te tere shehar diyaa hawaawa
tere pind di nehar te tere pind diyaa rahwaa
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵਾਦੀਆਂ ਤੇ ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਹਵਾਵਾਂ
ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹਿਰ ਤੇ ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਰਾਹਵਾਂ
tere shehar fiyaa waadiyaa te tere shehar diyaa hawaawa
tere pind di nehar te tere pind diyaa rahwaa
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਵਾਦੀਆਂ ਤੇ ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਹਵਾਵਾਂ
ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀ ਨਹਿਰ ਤੇ ਤੇਰੇ ਪਿੰਡ ਦੀਆਂ ਰਾਹਵਾਂ
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
Kitaab Deya Paneya Nu Je Pdhna Hi Ni
Teh Ohna Teh Avde Labaj Likh Ke Kuj V Sabit Ni Kr Skde
Je Chup Hoke Tennu Paa Ni Skde
Teh Bahla Bolke V Tennu Jitt Ni Skde
@yuv.singhofficial