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tere zajhbaat v || Yaadan || Some Thoughts in Punjabi

Mainu ajh v oh time chete,
jadon tu classroom di baari thaani langhde nu vehndi c
te me v othon vaar vaar langhna
tere didaar lai
par ki pata c ke sameh de naal naal
tere zajhbaat v badal jaange

ਮੈਨੂੰ ਅੱਜ ਵੀ ਓਹ ਟਾਇਮ ਚੇਤੇ ਜਦੋੰ ਤੂੰ ਕਲਾਸਰੂਮ ਦੀ ਬਾਰੀ ਥਾਂਈ ਲੰਘਦੇ ਨੂੰ ਵੇਂਹਦੀ ਸੀ ,
ਤੇ ਮੈਂ ਵੀ ਓਥੋਂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਲੰਘਣਾ
ਤੇਰੇ ਦੀਦਾਰ ਲਈ ,
ਪਰ ਕਿ ਪਤਾ ਸੀ ਕਿ ਸਮੇਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ
ਤੇਰੇ ਜਜ਼ਬਾਤ ਵੀ ਬਦਲ ਜਾਣਗੇ

Title: tere zajhbaat v || Yaadan || Some Thoughts in Punjabi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Unjh hakkem badhe ne || 2 lines dard shayari

ik tere zakham da hi koi ilaaz ni nikleyaa
unj mere shehar ch hakeem badhe ne

ਇਕ ਤੇਰੇ ਜਖ਼ਮ ਦਾ ਹੀ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਨੀ ਨਿਕਲਿਆ…..
ਉਂਜ ਮੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ‘ਚ ਹਕੀਮ ਬੜੇ ਨੇ..!!🖤🔥

Title: Unjh hakkem badhe ne || 2 lines dard shayari


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani