तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..
और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गयी हूँ..!!!
Enjoy Every Movement of life!
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..
और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गयी हूँ..!!!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
