
Beintehaa e teri har ikk aadat naal..!!

नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता
mitti da koi mul nahi
har ik nu ede vich jaana
zindagi taa bas befazool ja safar hai
manzil taa siviyaa tak jaana
ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਕੋਈ ਮੁੱਲ ਨਹੀਂ
ਹਰ ਇੱਕ ਨੂੰ ਇਦੇ ਵਿਚ ਜਾਣਾ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤਾਂ ਵਸ ਬੈਫਿਜੁਲ ਜਾ ਸਫ਼ਰ ਹੈ
ਮੰਜ਼ਿਲ ਤਾਂ ਸਿਵੀਆ ਤੱਕ ਜਾਣਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷