Teri marzi
todhi chahe rakh lawi
ishkataa sajjna hathkadiya ne kach diyaa
ਤੇਰੀ ਮਰਜੀ,
ਤੋੜੀ ਚਾਹੇ ਰਖ ਲਵੀਂ,
ਇਸ਼ਕਤਾਂ ਸੱਜਣਾ ਹੱਥਕੜੀਆ ਨੇ ਕੱਚ ਦੀਆਂ❤️❤️
Teri marzi
todhi chahe rakh lawi
ishkataa sajjna hathkadiya ne kach diyaa
ਤੇਰੀ ਮਰਜੀ,
ਤੋੜੀ ਚਾਹੇ ਰਖ ਲਵੀਂ,
ਇਸ਼ਕਤਾਂ ਸੱਜਣਾ ਹੱਥਕੜੀਆ ਨੇ ਕੱਚ ਦੀਆਂ❤️❤️
कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.
छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.
तरुण चौधरी
Khiza ka daur ho ya ho bahar ka mausam
Mere liye nhi koi karar ka mausam
खिजा का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम