Skip to content

Teri qurbat || Shayari from heart in hindi

Jaane kaise wo pal itne ruhaaniyat bangaye

woh lamhe toh teri qurbat ke sabab bangaye

sambhalna mushkil sa raha tere jaane ke baad ,

hum toh mariz the teri mohabbat ke ab toh deewaane bangaye.

जाने कैसे वो पल इतने रुहानियत बनगए

वोह लम्हे तोह तेरी क़ुरबत के सबब बनगए

संभालना मुश्किल सा रहा तेरे जाने के बाद ,
हम तो मरीज़ थे तेरी मोहब्बत के अब तोह दीवाने बनगए.
                                          
                                          -Ahiban
 

Title: Teri qurbat || Shayari from heart in hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


SHAYARI DE LAFZAAN DI PYAAS | Dil Di Shayari

dil di shayari | Jad yaad kita me beete samee nu taan ik chehra akhaan sahmne aayea chehra jo bahut hi khaas c meri shayari de lafzaan di pyaas c

Jad yaad kita me beete samee nu
taan ik chehra akhaan sahmne aayea
chehra jo bahut hi khaas c
meri shayari de lafzaan di pyaas c



Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari

तू जांदी नी मेनू…

हाय…

याद तेरे हाथ दी हर इक लकीर

तेरे हाथ ते लिखी हर तकदीर

तेरे नाल घूमे राह

मीनू याद तेरा हर साह

तेरे बुल…तेरी बोली

तेरियां अखां.. तेरी तकनी..

तेरे दंद..तेरा हस्सा

तू..तेरी खुशबू

तेरा चेहरा…ते चन्न

मैनू याद आ सब

याद है वो भी… जो बताया नही तूने

याद है वो भी….जो जताया नहीं तूने..

मेरे आस पास होना और हमेशा रहने की चाह…

मुझे याद है तेरे दिल से निकली हर राह..

तेरी राहों पर चलने वाली मै अकेली बनना चाहती थी..

तुझे ढूंढते ढूंढते.. मै खुद तुझमे खोना चाहती थी..

पा कर भी सुकून नहीं था… सुकून मिल कर भी सुकून नहीं था.. तुझे पाना सुकून नहीं था… मै तो तू बनना चाहती थी….

जेह मेनू मिलदा नी तू..

एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

तेरे हत्था नू फड के लकीरा दा राज पूछदी हुंदी….

तेरे गले लग के तेरे हाल पूछदी हुंदी..

तेरे नाल घुम घुम के….फुलां दे ना पूछदी हुंदी..

जेह मेनू मिल्दा नी तू.. एम फेर वी तेनु जांदी हुंदी..

जन के सब कुछ…मै अंजन बंदी हुंदी…

बार बार इको ही सवाल पूछदी हुंदी…

तेनु ना कर के ओही काम करदी हुंदी…

तेनु जो रंग पसनद.. मै ओह रंग च फबड़ी हुंदी…

तेनु पसंद जो धंग.. उस धंग.. सजना साजन मै सजदी हुंदीतू जांदी नी मेनू…

हाये…

हां.. मै जांदी आ…. तू पुछ के तां वेख…. तेरे स्वाला दा जवाब म जांदी आ .. तेरे फुलां दा ना मै जांदी आ… सब जांदी आ मै…. पर पुछना पसंद आ मेनू… जो जांदी आ… ओह वी पुछना पसंद आ… सवाल ख़त्म हो गए तां…. जो पता ओह वी पुछना आ मैनू…. सब कुछ तैथो पुछना आ‌ मैनू… तेरे अलवा किसी तीजे दा ना वी पसंद मेनू

मै जंदी अउ तेनु..

हां…… मै जांदी आ

ते बस तेनु..

हां…… म जांदी आ

Title: Tu jaandi ni menu ||hindi punjabi shayari