
saanu tu injh chahida jive hundi e
piyaase nu paani di lodh
har modh te jaape saanu sirf teri hi thod

saanu tu injh chahida jive hundi e
piyaase nu paani di lodh
har modh te jaape saanu sirf teri hi thod
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।
kita si ishq
aise karke asi guneh gaar ho gaye
labhan te naye puraane bekaar hho gaye
eh ishq de raah te idhaa da paayea gaaba
ke asi har ik lai bekaaar ho gaye
ਕਿਤਾ ਸੀ ਇਸ਼ਕ
ਐਸੇ ਕਰਕੇ ਅਸੀਂ ਗੁਨਹੇਗਾਰ ਹੋ ਗਏ
ਲੱਭਣ ਤੇ ਨਏ ਪੁਰਾਣੇ ਬੈਕਾਰ ਹੋ ਗਏ
ਏਹ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਰਾਹ ਤੇ ਇੱਦਾ ਦਾ ਪਾਇਆ ਗਾਬਾ
ਕੇ ਅਸੀਂ ਹਰ ਇਕ ਲਈ ਬੇਕਾਰ ਹੋ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷