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TERI THOD || zaroorat shayari

zaroorat shayari || saanu tu injh chahida jive hundi e piyaase nu paani di lodh har modh te jaape saanu sirf teri hi thod

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piyaase nu paani di lodh
har modh te jaape saanu sirf teri hi thod


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Teri ek nigaah ne khreed liya hume || SHayari…….

Teri ek nigaah ne khreed liya hume,
Bda garoor tha hume khud par ki hum bikte nahi…!!

Title: Teri ek nigaah ne khreed liya hume || SHayari…….


Teachers day || शिक्षक दिवस

हर वर्ष की तरह इस वर्ष के शिक्षक दिवस को 5 सितंबर 2023, को मनाया जा रहा है, जो की मंगलवार को है।

भारत में 5 सितंबर 2023 को, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जायेगा, जो की भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और एक प्रतिभाशाली शिक्षक थे

भारतीय शिक्षक दिवस

एक व्यक्ति के जीवन को आकार देने में उसके माता-पिता से ज्यादा एक अच्छे शिक्षक का योगदान होता है। हमारे देश की संस्कृति में शिक्षक को भगवान से ऊपर स्थान दिया गया है। किसी एक के जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने में एक अच्छे गुरु का मार्गदर्शन और सहायता बहुत मायने रखता है।

अपने स्कूल-कॉलेज के दिनों में अपने गुरु के द्वारा निभाये गये निर्माणकर्ता की भूमिका को हर सफल इंसान हमेशा याद रखता है, शिक्षक के कार्यों को धन्यवाद शब्द में समाहित नहींकिया जा सकता है। विद्यार्थीयों के जीवन को बेहतर बनाने के दौरान गुरु सबसे ईमानदारी से कार्य करता है, पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरे पाठ्येतर क्रियाओं में भी शिक्षक विद्यार्थीयों का ध्यान रखते है। अपने जीवन के हर पहलू और मार्गदर्शन के लिये विद्यार्थी अपने शिक्षक पर निर्भर रहता है; और एक अच्छा गुरु कभी अपने चेले को निराश नहीं करता है।

लाखों विद्यार्थीयों के भविष्य को गढ़ने तथा सहायता करने में अनगिनत शिक्षकों के द्वारा दिये गये योगदान का धन्यवाद और सम्मान करने के लिये हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है और इसी के परिणामस्वरुप भारत की किस्मत आकार ले रही है।

शिक्षक दिवस समारोह की उत्पत्ति

डॉक्टर सर्वपल्ली राधकृष्णन के सम्मान में 1962 से शिक्षक दिवस के रुप में मनाने के लिये ये दिन चिन्हित किया गया है जो 5 सितंबर 1888 को पैदा हुए थे। डॉक्टर सर्वपल्ली राधकृष्णन एक महान अध्येता, दार्शनिक और आधुनिक भारत के शिक्षक थे साथ ही उन्हें 1954 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया। वो 1962 में भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने। इसलिये ये केवल स्वाभाविक था कि पूरे देश भर में लाखों अनजान शिक्षकों को सम्मान देने के लिये उनका जन्म दिन मनाया जाता है। ये उनकी इच्छा थी कि हर साल 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने के बजाय पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रुप में इस दिन को मनाना ज्यादा बेहतर होगा।

भारत का शिक्षक दिवस दुनिया के शिक्षक दिवस से अलग है जोकि पूरे विश्व में 5 सितंबर को मनाया जाता है

शिक्षक दिवस समारोह का तरीका

इस दिन देश के हर स्कूल में, अपने गुरु के प्रति इज्जत और प्यार के प्रतीक के रुप में विद्यार्थी कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा क्रिया-कलापों का प्रबंधन और प्रदर्शन करते है। विद्यार्थीयों से अच्छे परिणाम पाने और स्कूल के विकास में अपने योगदान के लिये अद्भुत् शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाता है।

अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति स्नेह और आभार प्रकट करने के लिये विद्यार्थी खुद से भी गुरु को उपहार देता है। विद्यार्थी और शिक्षक के बीच में एक जीवन-पर्यन्त संबंध विकसित हो जाता है। शिक्षक भी इस दिन पर खुद को खास महसूस करता है क्योंकि उसके कड़ी मेहनत और ईमानदारी को सम्मान दिया जाता है।

राष्ट्र को बनाने में शिक्षकों की भूमिका बहुत महत्व और सार्थक होती है; इसलिये ये जरुरी है कि हम उनका अत्यधिक सम्मान और आभार जताएँ और विद्यार्थी-शिक्षक के खास संबंध के दिन को 5 सितंबर के रुप में मनाये।

शिक्षक दिवस का महत्व

हमारे जीवन में शिक्षक दिवस का महत्व उतना ही अधिक है जितना की शिक्षकों का। यह वह दिन है जब लोग देश के कोने-कोने से इन्हे इनके योगदान से सबको शिक्षित करने, सभ्य बनाने, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाने के लिये सलाम करते हैं। शिक्षक देश के लिये हर दिन काम करते हैं परंतु, शिक्षक दिवस पूरे वर्ष में बस एक ही बार मनाया जाता है, जब हम अपने शिक्षकों को धन्यवाद दे पाते हैं, कि उन्होने हमें इतना काबिल बनाया, हमें इतना ज्ञान दिया कि हम सही-गलत का भेद समझ पाएं और हमें कड़ी मेहनत करने और अनुशासित जीवन जीने का पाठ पढ़ाया।

शिक्षक दिवस मनाने का महत्व

किसी भी उत्सव को मनाने कि चाह और खुशी ही उसे विशेष बनाती है। ठीक इसी प्रकार शिक्षक दिवस मनाने का उत्साह भी हमारे लिये महत्वपूर्ण है, अन्यतः इस दिन का कोइ खास महत्व नहीं रह जाएगा। देश भर में इस दिन आयोजित किये जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम, लोगों को अपने राष्ट्रीय विरासत से परिचित कराते हैं। शिक्षक किसी भी समाज के सबसे महत्वपूर्ण अंग होते हैं, इसलिये उन्हे सबसे अधिक सम्मान और प्राथमिकता दी जानी चाहिये और इसी वजह से शिक्षक दिवस समारोह में भाग लेना चाहिये और कुछ कविताओं और भाषणों के माध्यम से अपने शिक्षक के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त करना चाहिये।

Title: Teachers day || शिक्षक दिवस