Dil Hasta hai
Aankhe muskuraati hai
aur
Saanse khil uthti hai..
jab jab
teri yaad aati hai
दिल हँसता हैं,
आँखें मुस्कारती हैं,
और
साँसे खिल उठती हैं…
जब जब…
“तेरी याद आती हैं!!”
Dil Hasta hai
Aankhe muskuraati hai
aur
Saanse khil uthti hai..
jab jab
teri yaad aati hai
दिल हँसता हैं,
आँखें मुस्कारती हैं,
और
साँसे खिल उठती हैं…
जब जब…
“तेरी याद आती हैं!!”
Muskurate the woh lamhe jab tum saath the….
khushiyan qadam chumti thi sirf tumhare dekhne se…
itni purani hogai hai woh yaadeein ke ab yaad bhi nahi ke tum kab saath the….
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी