
Sajjna mere teri yaad ch marde jande haan..!!

Kalam chuk ke uhde baare kujh likhan lagga,
das uhda bholapan likhaan ja chutrai likhaa
dohaan raahan te aa ke mera hath ruk jaanda
das ohda pyaar likhaa ja fir judaai likhaa
ਕਲਮ ਚੁੱਕ ਕੇ ਉਹਦੇ ਬਾਰੇ ਕੁਝ ਲਿਖਣ ਲੱਗਾ,
ਦਸ ਉਹਦਾ ਭੋਲਾਪਣ ਲਿਖਾਂ ਜਾਂ ਚੁਤਰਾਈ ਲਿਖਾਂ।
ਦੋਹਾਂ ਰਾਹਾਂ ਤੇ ਆ ਕੇ ਮੇਰਾ ਹੱਥ ਰੁਕ ਜਾਂਦਾ,
ਦਸ ਉਹਦਾ ਪਿਆਰ ਲਿਖਾਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਉਹਦੀ ਜੁਦਾਈ ਲਿਖਾਂ।
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।