Ab tum nahi mere saath tumahri yaade hai
pehle tumne rulaaeya ab baari tumaahri yaado ki hai
अब तुम नही मेरे साथ तुम्हारी यादें है
पहिले तुमने रूलाया अब बारी तुम्हारी यादों की है ।।
Ab tum nahi mere saath tumahri yaade hai
pehle tumne rulaaeya ab baari tumaahri yaado ki hai
अब तुम नही मेरे साथ तुम्हारी यादें है
पहिले तुमने रूलाया अब बारी तुम्हारी यादों की है ।।
वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैनें ,
वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैनें,
ये सोच कर कि न हो ताक में ख़ुशी कोई ,
ग़मों कि ओट में ख़ुद को छुपा लिया मैनें,
कभी न ख़त्म किया मैं ने रोशनी का मुहाज़ ,
अगर चिराग़ बुझा, दिल जला लिया मैनें,
कमाल ये है कि जो दुश्मन पे चलाना था ,
वो तीर अपने कलेजे पे खा लिया मैनें |
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी