MAINE TUFAANO SE KAISE KISHTI KO NIKALA HAI,
AE BICHDE HUE SAATHI TERI YAADON KO SAMBHAALA HAI
HUME TERI JUDAAI KITNA TADPAAEGI
NHI AANKHON SE ROYENGE, MAGAR YE DIL HUME RULAEGA
AE BICHDE HUE SAAATHI TERI YAAD BAHUT AAEGI.
MAINE TUFAANO SE KAISE KISHTI KO NIKALA HAI,
AE BICHDE HUE SAATHI TERI YAADON KO SAMBHAALA HAI
HUME TERI JUDAAI KITNA TADPAAEGI
NHI AANKHON SE ROYENGE, MAGAR YE DIL HUME RULAEGA
AE BICHDE HUE SAAATHI TERI YAAD BAHUT AAEGI.
Zindagi Se badi Koi saza hi nahi ….
Mera jurm kya hai mujhe pata hi nahi …
Mai itne hisson me bant chuka hu …
Ke mere Hisse me Kuch bacha hi nahi …
जिंदगी से बड़ी कोई सजा ही नही …
मेरा जुर्म क्या है मुझे पता ही नही …
मैं इतने हिस्सों में बंट चुका हूं ….
के मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं ….
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_