MAINE TUFAANO SE KAISE KISHTI KO NIKALA HAI,
AE BICHDE HUE SAATHI TERI YAADON KO SAMBHAALA HAI
HUME TERI JUDAAI KITNA TADPAAEGI
NHI AANKHON SE ROYENGE, MAGAR YE DIL HUME RULAEGA
AE BICHDE HUE SAAATHI TERI YAAD BAHUT AAEGI.
MAINE TUFAANO SE KAISE KISHTI KO NIKALA HAI,
AE BICHDE HUE SAATHI TERI YAADON KO SAMBHAALA HAI
HUME TERI JUDAAI KITNA TADPAAEGI
NHI AANKHON SE ROYENGE, MAGAR YE DIL HUME RULAEGA
AE BICHDE HUE SAAATHI TERI YAAD BAHUT AAEGI.
Teri ankhon ka zikar jo mein, apne dil se na karta
Aaj bhi khush hi hota, mein jeene se na darta
Vese to gam zindagi mein, aur bhi likhe hain meri
Kishte kayi aur bhi hai, tere pyar ki udhaari ka vyaj to na bharta…
तेरी आँखों का जिक्र जो मैं, अपने दिल से ना करता..
आज भी खुश ही होता, मैं जीने से ना डरता..
वैसे तो गम जिंदगी में, और भी लिखे हैं मेरी..
किश्तें कई और भी हैं, तेरे प्यार की उधारी का व्याज तो न भरता….
आज तू कही नहीं है ,
फिर भी नेरे हर ख्याल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे दिल में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी आँखों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी यादों में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी रग रग में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे रोम रोम में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी हर चेहरे में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी धड़कनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरी सांसो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मेरे सपनो में समाया है तू
आज तू कही नहीं है
फिर भी मुझमे इस कदर समाया है तू
जिस कदर रात में अँधेरा