
Saari saari raat teriyaan tasveeran banaunda han
akhaan vichon girde hanjuaan naal sajaunda han
hik naal laa k tanhai bhul jaanda han
teri yaad vich kho jaanda han

Saari saari raat teriyaan tasveeran banaunda han
akhaan vichon girde hanjuaan naal sajaunda han
hik naal laa k tanhai bhul jaanda han
teri yaad vich kho jaanda han
Tu naraaz ho leya kar
Bhawein ladh vi leya kar meri jaan
Bas menu kade praya na kari❤️..!!
ਤੂੰ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋ ਲਿਆ ਕਰ
ਭਾਵੇਂ ਲੜ੍ਹ ਵੀ ਲਿਆ ਕਰ ਮੇਰੀ ਜਾਨ
ਬਸ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਪਰਾਇਆ ਨਾ ਕਰੀਂ❤️..!!
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।