थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Enjoy Every Movement of life!
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
ऐ खुदा तू देना बेशुमार बरकत उनको💖💖
हम तो वो बंदे हैं तेरे… . ..
जो दूसरों के लिए जीते हैं! !❤❤