थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
जो भी दुख याद न था याद आया; आज क्या जानिए क्या याद आया; याद आया था बिछड़ना तेरा; फिर नहीं याद कि क्या याद आया; हाथ उठाए था कि दिल बैठ गया; जाने क्या वक़्त-ए-दुआ याद आया; जिस तरह धुंध में लिपटे हुए फूल; इक इक नक़्श तेरा याद आया; ये मोहब्बत भी है क्या रोग जिसको भूले वो सदा याद आया।
Chaar rishteyaa da zikar karn laggi aa
ehna rishteyaa naal saada sansaar hunda e
bebe diyaa jhidhkaa bapu de gusse
bhen di rok-tok te veere di ladhai ch v
saade lai pyaar hunda e
ਚਾਰ ਰਿਸ਼ਤਿਆ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਨ ਲੱਗੀ ਆ😇..
ਇਹਨਾ ਰਿਸ਼ਤਿਆ ਸਾਡਾ ਸੰਸਾਰ🌎 ਹੁੰਦਾ ਏ..
ਬੇਬੇ ਦੀਆ ਝਿੜਕਾ❣️,ਬਾਪੂ ਦੇ ਗੁੱਸੇ😒..
ਭੈਣ ਦੀ ਰੋਕ-ਟੋਕ ਤੇ ਵੀਰੇ ਦੀ ਲੜਾਈ ਚ ਵੀ😝,
ਸਾਡੇ ਲਈ ਪਿਆਰ ਹੁੰਦਾ ਏ💞..