थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Enjoy Every Movement of life!
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
Eh ki chan chadha dita ee
saanu ee magron laah dita ee
tainu aapna bhet ki daseyaa
tu taa raula ee paa dita ee
ਇਹ ਕੀ ਚੰਨ ਚੜ੍ਹਾ ਦਿੱਤਾ ਈ
ਸਾਨੂੰ ਈ ਮਗਰੌ ਲਾਹ ਦਿੱਤਾ ਈ
ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਭੇਤ ਕੀ ਦੱਸਿਆ
ਤੂੰ ਤਾ ਰੌਲਾ ਈ ਪਾ ਦਿੱਤਾ ਈ