थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Enjoy Every Movement of life!
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Yu har subah chaai par…
Bulaya na karo….😋
Chai to hm fir bhi pi lenge….
Lat chai ki nhi..
Lat tumhari lag gyi to hum kya krenge….😇
यु हर सुबह चाय पर…
बुलाया ना करो….😋
चाय तो हम फिर भी पी लेंगे….
लत चाय की नही…
लत तुम्हारी लग गई तो हम क्या करेंगे….😇
