थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Enjoy Every Movement of life!
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
इस ❤️मोहब्बत की 🌧️बारिश में अब भीगना ❌नहीं है …🤪
हाँ इश्क ❤️है तुमसे मगर🤪 अब_कहना नहीं है😬😬
