थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
Enjoy Every Movement of life!
थोड़ा मुस्कुरा दे ए काफ़िर,
के कयामत बीत गई,
मायूसी तो रहेगी ही चेहरे पर,
फिर आशियाना बसाते बसाते...
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या
सपना दिखाकर तोड़ना मजबूरी था क्या
हीर रांझे की दी हुई कसमे भी फर्जी था क्या
वक़्त और समझौता के हवाला देकर
प्यार का नया ताज पहनना जरूरी था क्या।
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या।
By- lalan raj
Tu saanu dil vich rakhi
dimaag vich taa dushman rakhde ne
ਤੂੰ ਸਾਨੂੰ ਦਿੱਲ ਵਿੱਚ ਰੱਖੀ
ਦਿਮਾਗ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਦੁਸ਼ਮਣ ਰੱਖਦੇ ਨੇ