Thokar sahi, chaahe jaan nikle raahi me, bas
manzil wo ho jo garoor bankar saath chale
ठोकर सही, चाहे जान निकले राहों में, बस,
मंज़िल वो हो जो गुरूर बनकर साथ चले...
Thokar sahi, chaahe jaan nikle raahi me, bas
manzil wo ho jo garoor bankar saath chale
ठोकर सही, चाहे जान निकले राहों में, बस,
मंज़िल वो हो जो गुरूर बनकर साथ चले...
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
Us ny poucha apki tareef ..??
Mane bhi bol diya ..Apsy na hogi apka dil chota h …😎😋