Many people take no care of their money till they come nearly to the end of it, and others do just the same with their time.
Johann Wolfgang von Goethe
Many people take no care of their money till they come nearly to the end of it, and others do just the same with their time.
Johann Wolfgang von Goethe
Tainu dewan me hanjuaan da bharra
peedha da paraga bhun de
ni bhatthi waliye chambe diye daliye
ਤੈਨੂੰ ਦੇਵਾਂ ਮੈਂ ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਭਾੜਾ
ਪੀੜਾਂ ਦਾ ਪਰਾਗਾ ਭੁੰਨ ਦੇ
ਨੀ ਭੱਠੀ ਵਾਲੀਏ ਚੰਬੇ ਦੀਏ ਡਾਲੀਏ
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥