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TIME TIME DI GAL || TRUE BUT SAD SHAYARI PUNJABI

Time time di gal c..
jina da maadha time saareyaa
hun kehnde put time time di gal aa

ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਦੀ ਗੱਲ ਸੀ..

ਜਿਨਾਂ ਦਾ ਮਾੜਾ ਟਾਈਮ ਸਾਰਿਆ
ਹੁਣ ਕਹਿੰਦੇ ਪੁੱਤ ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਗੱਲ ਐ

✒gurus chauhan

Title: TIME TIME DI GAL || TRUE BUT SAD SHAYARI PUNJABI

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ek dinn jana hai jannat ki talash mein

Apno ki kushi keliye dur baghna hai toh woh bhi karenge baas akele hum hojayenge jiska kisiko pada nai hai waise bhi yaha kaun apna kaun paraya ek din toh jana hai jannat ki talash mein. jaan mith jake bhi rehenge uss farishthe ka intezaar baas yeh intezaar mein katt jayega mera jaan baas itna yaadh rahe akele jeena hai aur akele marna.

Title: ek dinn jana hai jannat ki talash mein


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi