koi frk nhi pdta..
Toot chuke hain Puri trah se…
Ab koi aaye..
Chla jaye..
Hmein koi frk nhi pdta..
koi frk nhi pdta..
Toot chuke hain Puri trah se…
Ab koi aaye..
Chla jaye..
Hmein koi frk nhi pdta..
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
logon ne poochha ki kaun hai voh,
jo teree ye udaas haalat kar gaya,
mainne muskura ke kaha usaka naam,
har kisee ke labon par achchha nahin lagata.
लोगों ने पूछा कि कौन है वोह,
जो तेरी ये उदास हालत कर गया,
मैंने मुस्कुरा के कहा उसका नाम,
हर किसी के लबों पर अच्छा नहीं लगता.