koi frk nhi pdta..
Toot chuke hain Puri trah se…
Ab koi aaye..
Chla jaye..
Hmein koi frk nhi pdta..
koi frk nhi pdta..
Toot chuke hain Puri trah se…
Ab koi aaye..
Chla jaye..
Hmein koi frk nhi pdta..
किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है
मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है
हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती
उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है
हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने
वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है
भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे
अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है
डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।