
आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी
Tere ditte gamaa te vi khush ho lende haan
Kyunki shayad mohobbat e tere naal..!!
ਤੇਰੇ ਦਿੱਤੇ ਗਮਾਂ ਤੇ ਵੀ ਖੁਸ਼ ਹੋ ਲੈਂਦੇ ਹਾਂ
ਕਿਉਂਕਿ ਸ਼ਾਇਦ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਤੇਰੇ ਨਾਲ..!!