
Khud nu rabb na samjh bethi,,,
Tu taan bas zariya e
Us khuda tak pahunchan da..!!

बंदिशों से अब कैसे खुदकी करूं हिफाज़त मैं,
सवेरे से है मोहब्बत पर, अंधेरों में रहने कि आदत है…
आफ़त है कि चिराग़ का इल्म कैसे होगा,
पता नहीं जब सवेरा होगा तो क्या होगा…
क्या होगा जो खुदसे कर लूं बगावत मै,
जीत लूं खुदको अगर हार जाऊं तो आफ़त है…
हारने का शोंक नहीं लड़ना अब रास नहीं आता,
सब कहते है मुझे तू हरकतों से बाज़ नहीं आता…
देखो, हरकतों में भी मेरी तहज़ीब और शराफत है,
जीत लेंगे दुनिया भी अगर रब की इजाज़त है… 🙃
Sab kuch hai
Fir bhi kuch khali sa hai
Sab to hai
Magar fir bhi tanhai c hai
Tum to ho
Fir bhi khoya sa rehta hu mein,
Sukun bhi hai
Magar bechaini hai ke chodti nhi..
सब कुछ है
फिर भी कुछ खाली सा है।
सब तो हैं
मगर फिर भी तन्हाई सी है।
तुम तो हो
फिर भी खोया सा रहता हूँ मैं,
सुकूँ भी है
मगर बेचैनी है कि छोड़ती नहीं।।