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Tu vi chain nahi pauna || love Punjabi shayari || Punjabi status

Jhalle ho gaye asi vi piche tere
Tu vi chain dila da nahi pauna..!!
Pagl tenu vi dekhi kar ke jau
Mera haddon vadh ke tenu chahun..!!

ਝੱਲੇ ਹੋ ਗਏ ਅਸੀਂ ਵੀ ਪਿੱਛੇ ਤੇਰੇ
ਤੂੰ ਵੀ ਚੈਨ ਦਿਲਾਂ ਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣਾ..!!
ਪਾਗ਼ਲ ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਦੇਖੀਂ ਕਰ ਕੇ ਜਾਊ
ਮੇਰਾ ਹੱਦੋਂ ਵੱਧ ਕੇ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣਾ..!!

Title: Tu vi chain nahi pauna || love Punjabi shayari || Punjabi status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mooh pe ungali rakho

मुंह पे उंगली रखो तमाशा मत करो।
है चुप रहने की दवा मना मत करो।।

राम लाल जी बोले अपनी बीवी से
बीवी बड़ी भयंकर थी
जटा खोलें शिव शंकर थी
नेत्रों से ऐसी फूटी ज्वाला
“पीछे हटो ” कहकर
धक्का दे डाला।

शब्द बाणों के तो अपने विवाह दिवस से ही
राम लाल जी थे आदी
धक्का खाकर आज पता चला
क्या होती है शादी।

थोड़ी सी टूटी कमर
थोड़ी सी निकली आह
यह वही पत्नी थी
जिसको पाने के लिए मांगी थी दुआ
दुआ का प्रसाद क्या दे गया भगवान
पूजा की थी 5 साल
लेकर इस लड़की का नाम।

लेकिन अब लड़की बन गयी देवी
सो देवी पूजा उतारने को तैयार
जब भी कुछ बोले राम लाल जी
सीखा देती बोलने का शिष्टाचार।

किन्तु आज मामला हो गया था गर्म
भूल गए थे राम लाल जी पति धर्म
तो धर्म था पत्नी को ले जाना फिल्म दिखाने
और लाल जी घर चले आये गुन-गुनाते गाने।

तो इस तरह पत्नी के सपनों को खाक में मिलाकर
ढाई घंटे तक मेकअप की तपस्या करवाकर
आते ही बोल पड़े जानू आज क्या है खाने में
भूल गए सुबह वादा हुआ था फिल्म देखने जाने में।
फिल्म के साथ, बाहर खाने का भी था विचार
पत्नी ने तो कर भी दिया आस-पड़ोस में प्रचार
लेकिन पति देव आये पूरे दो घंटे लेट
गुस्सा तो आया कि कर दें दो-तीन थप्पड़ भेंट
किन्तु पत्नी थी क्षमाशील और दयावान
दो-तीन अपशब्द और एक धक्के से चलाया काम।

लेकिन पत्नी की इस हायतौबा ने
राम लाल जी का दिल कर दिया घायल
क्यों कि वो दो घंटे की देर इसलिए
खरीदने लगे थे पत्नी के लिए पायल
वही पायल जो दो दिन पहले पत्नी को
खूब पसंद थी आयी
और आज राम लाल जी की
रुकी सैलरी अचानक से आयी
ख़ुशी से लाल जी चले गए बाजार
आज पत्नी को पायल देनी उपहार
और बताना चाहते थे कितना है
दिल में पत्नी के लिए प्यार
किन्तु उससे पहले पत्नी ने बता दिया।

 

Title: Mooh pe ungali rakho


rabb de v chehre te || punjabi shayari

jadon howe zimewaari sir te
kho janda hai haasa chehre te
tu gal karda hai meri
me taa dekheya nahi haasa kade rab de v chehre te

ਜਦੋਂ ਹੋਵੇ ਜ਼ਿਮੇਵਾਰੀ ਸਿਰ ਤੇ
ਖੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹਾਸਾ ਚੇਹਰੇ ਤੇ
ਤੂੰ ਗੱਲ ਕਰਦਾ ਹੈ ਮੇਰੀ
ਮੈਂ ਤਾਂ ਦੇਖਿਆ ਨਹੀਂ ਹਾਸਾ ਕਦੇ ਰੱਬ ਦੇ ਵਿ ਚੇਹਰੇ ਤੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

Title: rabb de v chehre te || punjabi shayari