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Tu vi chain nahi pauna || love Punjabi shayari || Punjabi status

Jhalle ho gaye asi vi piche tere
Tu vi chain dila da nahi pauna..!!
Pagl tenu vi dekhi kar ke jau
Mera haddon vadh ke tenu chahun..!!

ਝੱਲੇ ਹੋ ਗਏ ਅਸੀਂ ਵੀ ਪਿੱਛੇ ਤੇਰੇ
ਤੂੰ ਵੀ ਚੈਨ ਦਿਲਾਂ ਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣਾ..!!
ਪਾਗ਼ਲ ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਦੇਖੀਂ ਕਰ ਕੇ ਜਾਊ
ਮੇਰਾ ਹੱਦੋਂ ਵੱਧ ਕੇ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁਣਾ..!!

Title: Tu vi chain nahi pauna || love Punjabi shayari || Punjabi status

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Qalb || Ghazal || hindi poetry

कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.

दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.

जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.

मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…

Title: Qalb || Ghazal || hindi poetry


Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi

महर-ओ- वफ़ा की शमआ जलाते तो बात थी
इंसानियत का पास निभाते तो बात थी
जम्हूरियत की शान बढ़ाते तो बात थी
फ़िरक़ा परस्तियों को मिटाते तो बात थी
जिससे कि दूर होतीं कुदूरत की ज़ुल्मतें
ऐसा कोई चराग़ जलाते तो बात थी
जम्हूरियत का जश्न मुबारक तो है मगर
जम्हूरियत की जान बचाते तो बात थी
ज़रदार से यह हाथ मिलाना बजा मगर
नादार को गले से लगाते तो बात थी
बर्बाद होने का तो कोई ग़म नहीं मगर
अपना बनाके मुझको मिटाते तो बात थी
हिंदुस्तान की क़सम ऐ रेख़्ता हूँ ख़ुश
पर मुंसिफ़ी की बात बताते तो बात थी

Title: Hindi shayari || Ghazal by Rekhta Pataulvi