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Tujhe dil ne is kadar || संगम

तुझे दिल ने इस कदर चाहा है कि,

अब तो सांस भी तेरे नाम से चल रही हैं,

ये नज़रे तेरे दीदार से खुल रही हैं,

तेरे हाथों की नर्मी से मेरे चेहरे पर खुशी दमक रही है,

तेरी बातों से मेरे लब खिल रहे हैं,

मेरा मुझ में कुछ बचा ही नहीं,

अब तो मेरी जिंदगी तेरी जिंदगी से चल रही है।।

Title: Tujhe dil ne is kadar || संगम

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Kehne ton bahr e hoyia jiwe || true love shayari || Punjabi status

Kehne ton bahr e hoyia jiwe
Kise hor de khayalan ch hun jagda e..!!
Ki dassiye kise nu eh dil de haal
Menu mera nhi eh hun lagda e..!!

ਕਹਿਣੇ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਏ ਹੋਇਆ ਜਿਵੇਂ
ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਦੇ ਖਿਆਲਾਂ ‘ਚ ਹੁਣ ਜਗਦਾ ਏ..!!
ਕੀ ਦੱਸੀਏ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਇਹ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ
ਮੈਨੂੰ ਮੇਰਾ ਨਹੀਂ ਇਹ ਹੁਣ ਲੱਗਦਾ ਏ..!!

Title: Kehne ton bahr e hoyia jiwe || true love shayari || Punjabi status


Dost || hindi poetry

सर में सौदा भी नहीं दिल में तमन्ना भी नहीं
लेकिन इस तर्क-ए-मोहब्बत का भरोसा भी नहीं
दिल की गिनती न यगानों में न बेगानों में
लेकिन उस जल्वा-गह-ए-नाज़ से उठता भी नहीं
मेहरबानी को मोहब्बत नहीं कहते ऐ दोस्त
आह अब मुझ से तिरी रंजिश-ए-बेजा भी नहीं
एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं
आज ग़फ़लत भी उन आँखों में है पहले से सिवा
आज ही ख़ातिर-ए-बीमार शकेबा भी नहीं
बात ये है कि सुकून-ए-दिल-ए-वहशी का मक़ाम
कुंज-ए-ज़िंदाँ भी नहीं वुसअ’त-ए-सहरा भी नहीं
अरे सय्याद हमीं गुल हैं हमीं बुलबुल हैं
तू ने कुछ आह सुना भी नहीं देखा भी नहीं
आह ये मजमा-ए-अहबाब ये बज़्म-ए-ख़ामोश
आज महफ़िल में ‘फ़िराक़’-ए-सुख़न-आरा भी नहीं
ये भी सच है कि मोहब्बत पे नहीं मैं मजबूर
ये भी सच है कि तिरा हुस्न कुछ ऐसा भी नहीं
यूँ तो हंगामे उठाते नहीं दीवाना-ए-इश्क़
मगर ऐ दोस्त कुछ ऐसों का ठिकाना भी नहीं
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा’लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
मुँह से हम अपने बुरा तो नहीं कहते कि ‘फ़िराक़’
है तिरा दोस्त मगर आदमी अच्छा भी नहीं

Title: Dost || hindi poetry