बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
Nazakat bhi unki badi qatil hai .
Jhapakti nazare hai ,aur mare ashiq jate hai😍
नज़ाकत भी उनकी बड़ी कातिल है
झपकती नज़रे हैं, और मारे आशिक जाते हैं 😍
In the quiet moments, connections grow,
A bond that only we two know.
As questions rise in the night,
I wish for a new dawn, pure and bright.
May our bond stay strong and true,
A fresh start for me and you.
No matter what the future brings,
Our friendship soars on gentle wings.