बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
Tu aaya nhi .. intzar h mujhe tera ..
Ki kbhi na kbhi tu aayega..ye yakin h mera ..
Tu chahe kitna bhi door chla Jaa mujhse…
Pr apne ehsaso ko kese chhupaega khudse..
Na kr tu ab meri fikr ..khush reh jaha tu h..
Aaj bhi meri duaon me bs tu hi tu h ..
Mein har ikk insan nu jhootha keha,
Jo tere bare sach bolda c🙂
ਮੈਂ ਹਰ ਇਕ ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਝੂਠਾ ਕਿਹਾ,
ਜੋ ਤੇਰੇ ਬਾਰੇ ਸੱਚ ਬੋਲਦਾ ਸੀ🙂
ਹੰਕਾਰੀ🥀🥀