बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला🍂
Sada dukh nahi rehnda zindagi vich
Te sada haaseyan di lehar nahi rehndi
Gall kismat te na shaddi sari
Kyunki kismat hamesha apne naal nhi rehndi✌️
ਸਦਾ ਦੁੱਖ ਨੀ ਰਹਿੰਦੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਤੇ ਸਦਾ ਹਾਸਿਆਂ ਦੀ ਲਹਿਰ ਨੀ ਰਹਿੰਦੀ
ਗੱਲ ਕਿਸਮਤ ਤੇ ਨਾਂ ਛੱਡੀ ਸਾਰੀ
ਕਿਉਂਕਿ ਕਿਸਮਤ ਹਮੇਸ਼ਾ ਆਪਣੇ ਨਾਲ ਨੀ ਰਹਿੰਦੀ।✌️