बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
Waah ! Oye sajjna tere ishq da asool
Galti teri howe ja meri
Saza menu hi karni pawe qubool💔..!!
ਵਾਹ ! ਓਏ ਸੱਜਣਾ ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦਾ ਅਸੂਲ
ਗਲਤੀ ਤੇਰੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਮੇਰੀ
ਸਜ਼ਾ ਮੈਨੂੰ ਹੀ ਕਰਨੀ ਪਵੇ ਕਬੂਲ💔..!!
“अक्सर हमें प्यार होने के बाद ही उस शख्स की यादें सताती है.
प्यार न हो तो वो कितना ही प्यारा क्यों न हो वो हमें कभी याद नही आता..”!