बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
Enjoy Every Movement of life!
बेवक्त बेवजह तुझसे बात करना सुकून लाता है
मेरे लड़खड़ाते अल्फ़ाज़ों मे एक जूनून लाता है
मैं रूठ जाऊ जमाने से कोई गीला नहीं
फिर मासूमियत भरा तेरा हाल पूछना याद आता है ,
कभी बिखरू तो आके समेट लेना मुझे
तुम जो रूठे मुझसे तो मुझे सीधा शमशान याद आता है ।
tere hon da mainu koi frak nai
teri yaad hi is shayar
di awwaaz hai
ਤੇਰੇ ਹੋਣ ਦਾ ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਫ਼ਰਕ ਨਹੀਂ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਹੀ ਇਸ ਸ਼ਾਇਰ
ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਹੈ
eh naraazgi hun taa bhulaa de
eh daur eda da chal reha hai
jin te maran da kujh pata ni
ਐਹ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਹੂਣ ਤਾਂ ਭੁਲਾ ਦੇ
ਐਹ ਦੋਰ ਇਦਾਂ ਦਾ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ
ਜਿਨ ਤੇ ਮਰਣ ਦਾ ਕੁਝ ਪਤਾ ਨਹੀਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ