Mein chand tum Chandni
Mein tumhare liye tum mere liye bani❤️
मैं चाँद तुम चाँदनी
मैं तुम्हारे लिए तुम मेरे लिए बनी❤️
Mein chand tum Chandni
Mein tumhare liye tum mere liye bani❤️
मैं चाँद तुम चाँदनी
मैं तुम्हारे लिए तुम मेरे लिए बनी❤️
सुना है लोग तुझे आँखें भरकर देखते हैं , है मन में क्या उनके ये तो सवाल कर ।
माना लोगों की फितरत अब अच्छी नहीं , अपनी इज्जत का तू तो ज़रा ख्याल कर ।।
बादस्तूर चलती रही नाराजगी जिंदगी में , वक्त बेवक्त काफिर सा न मेरा हाल कर ।
मेरी आदतों में शूमार है तेरी मोहब्बत का सबब , खुदा का शुक्र मना बेवजह न मलाल कर ।।
बागी मिजाज़ रहा दिल का चाहतों के गुबार में , जिससे कभी मोहब्बत थी उससे अब नफरत भी बेमिसाल कर ।
क्या हुआ जो दुआ भी कुबूल न हुई , हासिल कर अपने दर्द को कुछ तो अब बवाल कर ।।
tere hon da mainu koi frak nai
teri yaad hi is shayar
di awwaaz hai
ਤੇਰੇ ਹੋਣ ਦਾ ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਫ਼ਰਕ ਨਹੀਂ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਹੀ ਇਸ ਸ਼ਾਇਰ
ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਹੈ