Tum meri zindagi ho
Ye mat soch lena 🙂
Meri Khushi kya hai chain kaha hai
Kabhi ye bhi khoj lena😇
Tum meri zindagi ho
Ye mat soch lena 🙂
Meri Khushi kya hai chain kaha hai
Kabhi ye bhi khoj lena😇
Pta nahi kehda nasha hai,
Pta nhi kehde khumar ch haan,
Tu zindagi ch aake chll bhi gya,
Main phir bhi tere hi intzaar ch haan……
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।